श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का ऐलान हो गया है और इसे खुद स्वयं नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इसका ऐलान किया है। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है। इस टेस्ट में कुल 15 सदस्य शामिल होंगे। अब इन सदस्यों के नाम भी सामने आ गए हैं।
केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया नियमों के मुताबिक टेस्ट में 10 स्थाई सदस्य हैं जन्हें वोटिंग का अधिकार होगा। बाकी के 5 सदस्यों को वोटिंग का अधिकार नहीं है। यह सदस्य दलित समुदाय से रहेगा ट्रस्ट में वकील के परासरण महान थे। जिनेंद्र दास अयोध्या राजपरिवार के देवेंद्र मोहन प्रताप रहेंगे।
1989 में राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहले ईट रखने वाले कामेश्वर चौपाल भी बने ट्रस्टी।
लंबे समय तक चले अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन करे सुप्रीम कोर्ट ने के इसी आदेश के तहत ट्रस्ट का गठन करते हुए केंद्र सरकार ने इसका नाम श्री राम जन्म भूमि 376 रखा है। इस टेस्ट में हमेशा एक दलित समाज से रहेगा।
के परशरण
सबसे पहला नाम वरिष्ठ वकील के परासरण का है। परासरण अयोध्या केस में लंबे समय से हिंदू पक्ष की पैरवी की आखिर तक चली सुनवाई में भी परासरण खुद बहस करते थे। रामद्वारा के पक्ष में फैसला लाने में उनका अहम योगदान रहा है 1 साल के परासरण सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट के खिलाफ भी केस लड़ चुके हैं। उन्हें पद्म विभूषण जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। सबरीमाला मामले में भगवान अय्यप्पा के वकील रहे परासरण को भारतीय इतिहास वेद पुराण और धर्म के साथ ही संविधान का व्यापक ज्ञान है। राम मंदिर केस के दौरान उन्होंने स्कंद पुराण के श्लोकों का जिक्र करके राम मंदिर का अस्तित्व साबित करने की कोशिश की थी। टस्ट के गठन के बाद एडवोकेट के परासरण को राम मंदिर की जमीन का कब्जा सौंपा गया है।
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज।
- जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसिद्ध तीर्थ जी महाराज।
- युगपुरुष परमानंद जी महाराज।
- स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज।
राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का ऐलान हो गया है और इसे खुद स्वयं नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इसका ऐलान किया है। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है। इस टेस्ट में कुल 15 सदस्य शामिल होंगे। अब इन सदस्यों के नाम भी सामने आ गए हैं।
केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया नियमों के मुताबिक टेस्ट में 10 स्थाई सदस्य हैं जन्हें वोटिंग का अधिकार होगा। बाकी के 5 सदस्यों को वोटिंग का अधिकार नहीं है। यह सदस्य दलित समुदाय से रहेगा ट्रस्ट में वकील के परासरण महान थे। जिनेंद्र दास अयोध्या राजपरिवार के देवेंद्र मोहन प्रताप रहेंगे।
1989 में राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहले ईट रखने वाले कामेश्वर चौपाल भी बने ट्रस्टी।
लंबे समय तक चले अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन करे सुप्रीम कोर्ट ने के इसी आदेश के तहत ट्रस्ट का गठन करते हुए केंद्र सरकार ने इसका नाम श्री राम जन्म भूमि 376 रखा है। इस टेस्ट में हमेशा एक दलित समाज से रहेगा।
के परशरण
सबसे पहला नाम वरिष्ठ वकील के परासरण का है। परासरण अयोध्या केस में लंबे समय से हिंदू पक्ष की पैरवी की आखिर तक चली सुनवाई में भी परासरण खुद बहस करते थे। रामद्वारा के पक्ष में फैसला लाने में उनका अहम योगदान रहा है 1 साल के परासरण सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट के खिलाफ भी केस लड़ चुके हैं। उन्हें पद्म विभूषण जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। सबरीमाला मामले में भगवान अय्यप्पा के वकील रहे परासरण को भारतीय इतिहास वेद पुराण और धर्म के साथ ही संविधान का व्यापक ज्ञान है। राम मंदिर केस के दौरान उन्होंने स्कंद पुराण के श्लोकों का जिक्र करके राम मंदिर का अस्तित्व साबित करने की कोशिश की थी। टस्ट के गठन के बाद एडवोकेट के परासरण को राम मंदिर की जमीन का कब्जा सौंपा गया है।
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज।
- जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसिद्ध तीर्थ जी महाराज।
- युगपुरुष परमानंद जी महाराज।
- स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज।
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