महाभारत की कहानियां
भीम और घटोत्कच की कहानी एक बार की बात है की कौरवों का मामा शकुनी बोला कि पांडवों के लिए एक लाखे का महल बनवाओ और उसी में सभी को जला दो और कौरवों ने वैसा ही किया जैसा शकुनि ने बोला और पांडवों को निमंत्रण भिजवाया गया कि आपके लिए महल तैयार है। पांडव लोग चल दिए रहने के लिए जाते समय कृष्ण भगवान से मुलाकात हुई तो बोले कि आप लोग कहां जा रहे हो तो पांडव लोग बोले कि हम लोग पांडवों के बनवाए हुए महल में रहने के लिए जा रहे हैं फिर के समान बोलते हैं कि आप लोग ऐसा करो कि एक Ek kandera banaa lena बाहर निकलने के लिए उसी माहौल से फिर पांडवों ने वैसा ही किया जैसा कृष्ण भगवान बोल रखे थे। पांडव लोग रहने लगे 1 दिन की बात है उस दिन कौरवों ने महल में आग लगवा दिया।तो सारे लोग उसी कंद्रे से निकल गए और भीम सो रहे थे तो भीम निकल नहीं पाए नाही भीम को कंद्रे के बारे में पता था तो भीम ने धरती में मुक्का मारा तो धरती फट गई और वह डायरेक्ट पाताल में पहुंच गए पाताल में क्या हुआ कि एक नागकन्या...