महाभारत की कहानियां

                  भीम और घटोत्कच की कहानी

      एक बार की बात है की कौरवों का मामा शकुनी बोला कि पांडवों के लिए एक लाखे का महल  बनवाओ और उसी में सभी को जला दो और कौरवों ने वैसा ही किया जैसा शकुनि ने बोला और पांडवों को निमंत्रण भिजवाया गया कि आपके लिए महल तैयार है।
    पांडव लोग चल दिए रहने के लिए जाते समय कृष्ण भगवान से मुलाकात हुई तो बोले कि आप लोग कहां जा रहे हो तो पांडव लोग बोले कि हम लोग पांडवों के बनवाए हुए महल में रहने के लिए जा रहे हैं फिर के समान बोलते हैं कि आप लोग ऐसा करो कि एक Ek kandera banaa lena बाहर निकलने के लिए उसी माहौल से फिर पांडवों ने वैसा ही किया जैसा कृष्ण भगवान बोल रखे थे।
     पांडव लोग रहने लगे 1 दिन की बात है उस दिन कौरवों ने महल में आग लगवा दिया।तो सारे लोग उसी कंद्रे से निकल गए और भीम सो रहे थे तो भीम निकल नहीं पाए नाही भीम को कंद्रे के बारे में पता था तो भीम ने धरती में मुक्का मारा तो धरती फट गई और वह डायरेक्ट पाताल में पहुंच गए पाताल में क्या हुआ कि एक नागकन्या रहती थी नागकन्या हमेशा देवी की पूजा करने जाती थी उसको उसी दिन 12 वर्ष पूजा करते हो गया था और देवी ने प्रसन्न होकर पर वरदान देने के लिए बोला देवी बोली की बेटी जो मांगना है मांग तूने बहुत मेरी सेवा की नागकन्या बोली कि मेरे को बहुत शक्तिशाली और बलवान वर चाहिए देवी ने वरदान दे दिया और बोला कि जा बेटी रास्ते में तेरे को पहला पुरुष जो मिल जाएगा वही तेरा मर्द होगा और जब नागकन्या जा रही थी तो रास्ते पर भीम मूर्छित पड़े हुए थे नागकन्या भीम को अपने घर ले गई और उनकी जब मूर्छा खुली तो देखते हैं कि मैं कहां पर हूं तब सामने नाक करने आती है बोलती है कि मेरे को आप देवी के वरदान में मिले हो इसीलिए आज से आप मेरे पति हो तो भीम एक  सरत रख देते हैं कि जब तक तू इंसान के रूप में रहेगी तब तक तो मैं तेरे पास रहूंगा जिस दिन तू सर्प के रूप में मेरे को दिख गई उसी दिन में छोड़ कर चला जाऊंगा और भीम और नागकन्या रहने लगे दोनों को रहते-रहते सालों बीत गए गर्मी का 1 दिन मौसम आया तो नागकन्या भीम को खिला पिला कर सुला दी और उसने सोचा कि गर्मी बहुत है मटके के नीचे जाकर मैं ठंडक ले लेती हूं थोड़ी सी जब वह सब बन के मटके के नीचे बैठ गई उधर भीम की निद्रा खुली और भीम क्या देखते हैं कि वह सर्प  बनी बैठी हुई है।
       भीम बोले बस हो गया अब मैं तेरे हाथ का पानी तक नहीं पियूंगा और चल दिए तो शर्त कन्या पैर पकड़कर बोलने लगी कि आप तो चले जाओगे मगर जो मेरे पेट में लड़का है वह किसके भरोसे रहेगा तो वहीं पर भीम वरदान देते हैं सर्प कन्या को की एक दिन यह बहुत   शक्तिशाली होगा और इसका नाम घटोचक पड़ेगा।

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